भ्रष्टाचार विरोधी संस्था (केपीके) ने मुफ्त पौष्टिक भोजन कार्यक्रम (एमबीजी) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में शामिल 20 से अधिक नामों की सूची सामने आने पर प्रतिक्रिया दी है। इस सूची में केपीके के उपाध्यक्ष फित्रो रोहचायंतो का नाम भी शामिल है। केपीके ने आरोपों की गंभीरता को स्वीकार किया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। संस्था का कहना है कि वह आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और आगे की जांच जारी है। यह मामला इंडोनेशियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि यह भ्रष्टाचार विरोधी संस्था के भीतर ही भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। केपीके ने जनता से धैर्य रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने का आग्रह किया है।