कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति हशीम थसी और उनके चार सह-प्रतिवादियों के बचाव दलों ने न्याय में बाधा डालने के आरोप में बरी करने की मांग की है। वकीलों का तर्क है कि उन पर आरोप केवल 'वार्ताओं' के आधार पर लगाए गए हैं, जिनसे गवाहों को डराने-धमकाने का कोई परिणाम नहीं निकला। बचाव दल ने जोर देकर कहा कि बातचीत के दौरान कोई अपराध नहीं हुआ और न ही किसी को डराने का इरादा था। उन्होंने आरोप को राजनीति से प्रेरित बताया और मामले को खारिज करने का आग्रह किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपों का खंडन किया है, उनका कहना है कि थसी और अन्य ने जानबूझकर सबूतों को छिपाने और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की। न्यायालय अब इस मामले पर विचार करेगा और बरी करने की मांग पर निर्णय लेगा। यह मामला कोसोवो के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है और इसके परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।