कोंजुह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की रिहाई का खतरा मंडरा रहा है। अभियोजक 24 जुलाई तक आरोप पत्र दाखिल करने की कोशिश कर रही हैं। यदि इस तिथि तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया, तो सभी संदिग्ध आरोपी रिहा हो सकते हैं, जो गिरफ्तारी के बाद से हिरासत में हैं। यह मामला मर्डिच के कानूनों के संभावित प्रभाव से भी जुड़ा हुआ है, जिसके कारण अभियोजन पक्ष पर समय का दबाव है। मर्डिच के कानूनों के लागू होने से आरोपियों को लाभ मिल सकता है। अभियोजक इस जटिल स्थिति में कानूनी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही हैं। मामले की आगे की कार्यवाही 24 जुलाई के बाद स्पष्ट होगी। यह मामला भ्रष्टाचार और संगठित अपराध से जुड़ा है।
