वैज्ञानिकों ने कोआला के जीनोम का विश्लेषण किया है जिससे पता चला है कि मानव हस्तक्षेप से पहले ही इनकी आबादी में भारी गिरावट आई थी। यह गिरावट हजारों साल पहले चरम मौसम की परिस्थितियों के कारण हुई थी। अध्ययन से कोआला की आनुवंशिक विविधता पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का पता चलता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह जानकारी कोआला संरक्षण के लिए नई रणनीतियाँ विकसित करने में महत्वपूर्ण होगी। जीनोम विश्लेषण से कोआला आबादी की ऐतिहासिक वृद्धि और गिरावट के पैटर्न को समझने में मदद मिली है। यह खोज कोआला को विलुप्त होने से बचाने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती है। भविष्य में, जलवायु परिवर्तन के प्रति कोआला की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए संरक्षण योजनाएं बनाई जा सकती हैं।