लिवरपूल के पूर्व कोच जर्गन क्लॉप ने आगामी 2026 विश्व कप में प्रस्तावित 'कूलिंग ब्रेक' पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ये ब्रेक खेल की गति और स्वाभाविक प्रवाह को बाधित करते हैं। क्लॉप ने इन ब्रेकों को खेल के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ बताते हुए, व्यावसायिक और टेलीविजन हितों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे 'प्रायोजकों द्वारा बनाया गया एक सुनहरा पिंजरा' करार दिया है। क्लॉप का मानना है कि खिलाड़ियों के आराम के नाम पर लिए जा रहे ये फैसले, वास्तव में खेल के अनुभव को कम कर रहे हैं। उन्होंने खेल में व्यावसायिक हितों के दखल को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि खेल को मनोरंजन के साधन के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि केवल राजस्व उत्पन्न करने वाले मंच के रूप में।
