लर्स क्लिन्गबील के साथ सैट.1 पर हुई ग्रीष्मकालीन साक्षात्कार में कोई महत्वपूर्ण बात नहीं थी। साक्षात्कार में किसी भी विषय पर कोई ठोस जानकारी नहीं थी और इसे महज एक दिखावा माना जा सकता है। आलोचकों का कहना है कि यह बातचीत राजनीति के अर्थ को ही कमजोर करती है। यह साक्षात्कार पूरी तरह से खोखला और महत्वहीन था, जिसमें किसी भी सार्थक चर्चा की कमी थी। ऐसा प्रतीत होता है कि इस साक्षात्कार के बाद श्रमिक वर्ग भी एएफडी (AfD) का समर्थन कर सकता है। कुल मिलाकर, यह साक्षात्कार राजनीतिक संवाद के लिए एक नकारात्मक उदाहरण है। यह किसी भी गंभीर विश्लेषण या विचार के लिए उपयुक्त नहीं है।