शाही विशेषज्ञ के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स ने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और मेघन मार्कल को बालमोरल कैसल में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को विदाई देने से रोक दिया। ऐसा कहा जाता है कि प्रिंस चार्ल्स ने मेघन को महारानी के अंतिम क्षणों में शामिल होने से मना किया। इस निर्णय के पीछे का कारण मेघन और शाही परिवार के बीच तनावपूर्ण संबंधों को बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रिंस चार्ल्स को डर था कि मेघन की उपस्थिति से स्थिति और बिगड़ सकती है। इस घटना ने शाही परिवार के भीतर की जटिलताओं और गतिशीलता को उजागर किया है। मेघन मार्कल, महारानी की मृत्यु पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए उत्सुक थीं, लेकिन उन्हें इस अवसर से वंचित कर दिया गया। विशेषज्ञ इस हस्तक्षेप को शाही प्रोटोकॉल और पारिवारिक रिश्तों के बीच एक महत्वपूर्ण टकराव के रूप में देखते हैं।