पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के किम्बरली क्षेत्र में स्थित राफेल पारंपरिक गैस परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों की चिंताओं के बीच, बुरू एनर्जी ने आरोपों को खारिज कर दिया है कि यह परियोजना फ्रैकिंग के लिए 'ट्रोजन हॉर्स' साबित हो सकती है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि परियोजना में फ्रैकिंग शामिल नहीं है। पर्यावरण निगरानी संस्था अब इस परियोजना की समीक्षा करेगी, जिससे क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चल रही बहस और तेज हो सकती है। बुरू एनर्जी का कहना है कि परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। पर्यावरण समूहों का मानना है कि परियोजना के दीर्घकालिक परिणाम हानिकारक हो सकते हैं। समीक्षा का परिणाम परियोजना के भविष्य और किम्बरली क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण होगा।