उत्तर कोरिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसकी परमाणु शक्ति अपरिवर्तनीय है। यह बयान दक्षिण कोरिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच टोक्यो में हुई एक त्रिपक्षीय बैठक के बाद आया है, जिसमें तीनों देशों ने कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। उत्तर कोरिया का यह रुख तीनों देशों की इस प्रतिबद्धता के विपरीत है। प्योंगयांग ने अपने परमाणु कार्यक्रम को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है। इस बयान से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चुनौती पेश करती है।