उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने देश को परमाणु शक्ति राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि यह कदम वैश्विक सुरक्षा की अनिश्चित और जटिल स्थिति से निपटने का एकमात्र तरीका है। किम जोंग उन ने देश की परमाणु क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया, यह तर्क देते हुए कि यह उत्तर कोरिया की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय समुदाय उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंतित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान उत्तर कोरिया की परमाणु नीति में किसी भी बदलाव की संभावना को कम करता है। यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है, जिससे राजनयिक समाधान की संभावना कम हो सकती है। उत्तर कोरिया लगातार अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियारों के विकास पर काम कर रहा है, जिसके कारण उस पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हुए हैं।