ईरान में सर्वोच्च नेता खमेनी के निधन के बाद, उनका अंतिम संस्कार जुलूस सात दिनों तक देश के पांच शहरों में निकाला जाएगा। ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस जुलूस में डेढ़ से दो करोड़ लोग भाग लेंगे। यह अंतिम संस्कार ईरान के इतिहास में सबसे बड़े अंतिम संस्कार जुलूसों में से एक होने की संभावना है। यह जुलूस न केवल ईरान में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। इसने दुनिया के विभिन्न देशों के बीच मौजूदा भू-राजनीतिक विभाजन को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। इस विशाल भीड़ और शोक की अभिव्यक्ति से खमेनी के ईरान पर गहरे प्रभाव का पता चलता है। यह घटना क्षेत्र में आगे की राजनीतिक अस्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं को भी जन्म दे सकती है।