ख़ाग्राछड़ी क्षेत्र, विश्व के महत्वपूर्ण ‘इंडो-बर्मा हॉटस्पॉट’ का हिस्सा है, जहाँ जैव विविधता का गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। इस क्षेत्र में वन्यजीवों के संरक्षण की तत्काल आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस हॉटस्पॉट में आ रही आपदा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह क्षेत्र अपनी अनूठी पारिस्थितिकी और वन्यजीवों की विविधता के लिए जाना जाता है। स्थानीय समुदायों और संरक्षणवादियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है ताकि इस क्षेत्र की जैव विविधता को बचाया जा सके। इस दिशा में ठोस कदम उठाने से न केवल ख़ाग्राछड़ी बल्कि पूरे क्षेत्र की पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ होगा।