राजस्व विभाग (DGI) के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब संदिग्ध ने स्वयं ही सार्वजनिक मंत्रालय में समर्पण कर दिया। अधिकारियों द्वारा उसकी तलाश में कई जगहों पर छापे मारे गए थे, जिसके बाद उसने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। जांचकर्ता इस मामले में धोखाधड़ी की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा वित्तीय अपराध है और इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। अब आगे की जांच के लिए संदिग्ध को अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी से राजस्व विभाग के धोखाधड़ी के खिलाफ अभियान को बल मिला है।