जापान और चीन के बीच अनौपचारिक राजनयिक प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले योहेई कोनो का सोमवार को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कोनो 1993 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना द्वारा यौन दासता के लिए मजबूर की गई “कंफर्ट विमेन” के लिए ऐतिहासिक माफी के लिए सबसे ज्यादा जाने जाते हैं। उनकी माफी ने दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के एक उदारवादी नेता के रूप में, कोनो ने जापान की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से जापान-चीन संबंधों में तनाव कम करने के प्रयासों पर असर पड़ सकता है, खासकर उनके एक संभावित यात्रा कार्यक्रम के बीच जो तनाव को कम करने के लिए आयोजित किया जाना था। कोनो का निधन ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच संबंध नाजुक बने हुए हैं। उनका योगदान जापान और चीन के बीच समझ और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाएगा।