अफ्रीका में दूध उत्पादन के मामले में केन्या अग्रणी देशों में से एक है, लेकिन वर्तमान में यह देश दूध की कमी के दौर से गुज़र रहा है। सरकार ने इस संकट के लिए सूखे को ज़िम्मेदार ठहराया है। केन्या में लगातार कम वर्षा होने के कारण चारे की कमी हो गई है, जिससे पशुओं के दूध उत्पादन में गिरावट आई है। इससे आम लोगों को दूध और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कई उपाय कर रही है, जिसमें सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना शामिल है। यह संकट केन्या की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि डेयरी उद्योग देश के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत है। स्थिति को सामान्य करने के लिए तत्काल राहत कार्य आवश्यक हैं।