केन्या की वकील मार्था कारुआ ने युगांडा से अपने हालिया निष्कासन के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। वह डॉ. किज़ा बेसग्ये और हाजी ओबेद लुटले के मुकदमे में प्रमुख वकील हैं। कारुआ का कहना है कि उन्हें युगांडा से निर्वासित कर दिया गया और डॉ. बेसग्ये का प्रतिनिधित्व करने से रोका गया। उन्होंने कोर्ट से हस्तक्षेप करने और उन्हें डॉ. बेसग्ये का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। यह मामला युगांडा में कानूनी प्रतिनिधित्व और निष्कासन के अधिकारों से संबंधित है। कारुआ के इस कदम से युगांडा की न्यायिक प्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। यह देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला देता है।

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