केन्या में इंजीनियर प्रौद्योगिकी संस्थान (IET-K) ने सरकार से इंजीनियर प्रौद्योगिकी बोर्ड की नियुक्ति और संचालन में तेजी लाने का आग्रह किया है। संस्थान के अध्यक्ष बिबिये महमूद जुमा ने कहा है कि बोर्ड की अनुपस्थिति पेशे के प्रभावी विनियमन को कमजोर कर रही है। उनका कहना है कि 2016 के इंजीनियर प्रौद्योगिकी अधिनियम का पूर्ण कार्यान्वयन पेशेवर मानकों को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। IET-K का मानना है कि यह कदम इंजीनियरों की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेगा। बोर्ड की स्थापना से तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह इंजीनियरों और तकनीशियनों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में सक्षम बनाएगा और देश के विकास में योगदान देगा। संस्थान ने सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।

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