केन्या की अदालत ने रस्ताफ़री समुदाय द्वारा अपनी धार्मिक प्रथाओं में गांजा (कैनबिस) के उपयोग की अनुमति देने की याचिका को खारिज कर दिया है। यह निर्णय अफ्रीका में रस्ताफ़री समुदाय की जटिल स्थिति को दर्शाता है, जहाँ उन्हें नाममात्र की मान्यता तो मिलती है, लेकिन वे अभी भी हाशिए पर हैं। रस्ताफ़री समुदाय अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कैनबिस को एक पवित्र जड़ी बूटी मानते हैं। इस याचिका में, उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के आधार पर कैनबिस के उपयोग की अनुमति देने का अनुरोध किया था। अदालत ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को स्वीकार किया, लेकिन सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं के कारण याचिका को अस्वीकार कर दिया। इस फैसले से अफ्रीका में रस्ताफ़री समुदाय की कानूनी चुनौतियों और भेदभाव का सामना करने की समस्या प्रकाश में आ गई है।

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