केन्या की राजधानी नैरोबी में एक परियोजना बच्चों को शतरंज के माध्यम से एकाग्रता, धैर्य और आलोचनात्मक सोच विकसित करने में मदद कर रही है। इस परियोजना में पुनर्चक्रित प्लास्टिक कचरे से शतरंज के मोहरे बनाए जाते हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है। बच्चे इन मोहरों का उपयोग करके शतरंज सीखते हैं, जिससे उनकी मानसिक क्षमता का विकास होता है। यह पहल बच्चों को खेल के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करती है। नैरोबी में यह परियोजना बच्चों के लिए एक अनूठा अवसर प्रदान कर रही है। यह नवाचार प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और शिक्षा को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है।