यह लेख राफेल रोमेरो द्वारा लिखा गया है और 'लीमा ग्रिस' में प्रकाशित हुआ है। लेख में केइको फुजिमोरी की शिक्षा मंत्रालय (MINEDU) में संभावित भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। लेखक इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या फुजिमोरी की नियुक्ति से शिक्षा क्षेत्र में स्थिति पहले जैसी ही रहेगी या और भी बदतर हो जाएगी। यह लेख राजनीतिक हस्तक्षेप और शिक्षा नीति पर केंद्रित है। इसमें मंत्रालय में संभावित बदलावों और उनके परिणामों पर चिंता व्यक्त की गई है। लेख में यह भी सुझाव दिया गया है कि फुजिमोरी की पहल से शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही कम हो सकती है। कुल मिलाकर, यह लेख शिक्षा मंत्रालय में संभावित राजनीतिक प्रभाव और उसके नकारात्मक परिणामों के बारे में एक आलोचनात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।