कज़ाख़स्तान में दुर्लभ खुर वाले जानवरों की आबादी में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकार अब उन जानवरों को उनके प्राकृतिक आवासों में वापस लाने के लिए कार्यक्रम का विस्तार कर रही है जो देश के कुछ हिस्सों से गायब हो गए थे। प्रजेवाल्स्की के घोड़े और कुलन जैसे जानवरों के साथ, हाल ही में एक बाघ को भी जंगल में छोड़ा गया है। यह संरक्षण नीति का एक महत्वपूर्ण बदलाव है, जो अब केवल जीवित वन्यजीवों की रक्षा करने से आगे बढ़कर उनकी आबादी को फिर से बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कज़ाख़स्तान का यह प्रयास वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण है। यह पहल जैव विविधता को बढ़ावा देने और पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने में मदद करेगी। सरकार इस दिशा में और अधिक प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।