कज़ाख़स्तान इस साल से एक नई तकनीक – ‘क्लाउड सीडिंग’ या कृत्रिम वर्षा – का उपयोग कर रहा है। यह मध्य एशिया में पहली बार है जब इस विधि का प्रयोग किया जा रहा है। कज़ाख़स्तान में सूखे की स्थिति के कारण यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस परियोजना ने पड़ोसी देशों में चिंता पैदा कर दी है। कुछ देशों को डर है कि कृत्रिम वर्षा के कारण उनके क्षेत्र में बारिश कम हो सकती है। रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी (RFE/RL) ने बताया है कि इस मामले पर क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है। इस तकनीक के इस्तेमाल से वर्षा का वितरण प्रभावित हो सकता है, जिससे जल संसाधनों पर विवाद बढ़ सकता है।