कजाकिस्तान ने काला सागर में सीपीओ (कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम) बुनियादी ढांचे के माध्यम से तेल ले जा रहे नागरिक जहाजों पर 17 और 19 जुलाई को हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। कजाख विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये हमले कजाकिस्तान के आर्थिक हितों पर "अस्वीकार्य अतिक्रमण" हैं। मंत्रालय ने इसे कानूनी अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को अस्थिर करने के जानबूझकर किए गए प्रयासों के रूप में वर्णित किया है। कजाकिस्तान ने इन हमलों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इन कार्यों की निंदा करने का आह्वान किया है। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पहले से ही अनिश्चितता बनी हुई है। कजाकिस्तान सीपीओ के माध्यम से तेल निर्यात करने वाले प्रमुख देशों में से एक है और इन हमलों का उसकी अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।