कज़ाकिस्तान की संसद 30 जून को अपने वर्तमान स्वरूप में अंतिम बार बैठी। राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव ने इसे देश के राजनीतिक आधुनिकीकरण के एक नए चरण के रूप में वर्णित किया है। यह बदलाव तीन दशकों से चले आ रहे संस्थागत ढांचे के अंत का प्रतीक है। 1 जुलाई से नया संविधान लागू होगा, जो मौजूदा व्यवस्था को प्रतिस्थापित करेगा। राष्ट्रपति टोकायेव ने इस संवैधानिक सुधार को देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताया है। इस कदम से कज़ाकिस्तान में सत्ता के विकेंद्रीकरण और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह सुधार देश के भविष्य के लिए एक नई दिशा तय करने का प्रयास है।