कांग्रेस के डीके शिवकुमार कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तीन दशकों से चले आ रहे हिंदुत्व प्रयोग स्थल पर एक प्रयोग करने के लिए तैयार हैं। यह कदम राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। माना जा रहा है कि यह प्रयोग हिंदुत्व विचारधारा के प्रभाव को चुनौती देने और कांग्रेस की पैठ को मजबूत करने का प्रयास है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रयोग कितना सफल होता है और कर्नाटक की राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित करता है। इस पहल के माध्यम से, कांग्रेस आरएसएस के प्रभाव को कम करने और अपने समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास करेगी। यह कदम आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इस प्रयोग से कर्नाटक में राजनीतिक बहस तेज होने की उम्मीद है।