कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने घोषणा की है कि वे 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने अपनी इस फैसले के पीछे अपनी उम्र और राजनीति में बढ़ते भ्रष्टाचार को मुख्य कारण बताया है। सिद्धरमैया ने कहा कि वे अब राजनीति से संन्यास लेना चाहते हैं और समाज सेवा के अन्य तरीकों से योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है। सिद्धरमैया का यह फैसला कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, क्योंकि वे राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। उनके फैसले से पार्टी के भीतर नेतृत्व की दौड़ भी शुरू हो सकती है। उन्होंने अपने समर्थकों से निवेदन किया है कि वे उनके फैसले का सम्मान करें।