कर्णाली क्षेत्र में नशाखोरी की समस्या एक नए रूप में उभर रही है। पहले यहाँ ब्राउन शुगर का इस्तेमाल अधिक था, लेकिन अब लोग नींद लाने वाली दवाओं, दर्द निवारकों और अन्य नुस्खे वाली दवाओं का भी नशा करने के लिए दुरुपयोग कर रहे हैं। यह बदलाव कानून प्रवर्तन एजेंसियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर रहा है। इन दवाओं का गलत इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इनके आदी लोगों के लिए गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिए जागरूकता अभियान चलाना और दवाओं की उपलब्धता पर कड़ी निगरानी रखना आवश्यक है। इस समस्या से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी ज़रूरत है ताकि पीड़ितों को उचित इलाज मिल सके। यह स्थिति कर्णाली क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।