स्वीडन के रक्षा मंत्री कार्लसन ने एक दिलचस्प बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अब सैनिकों और बंदूकों की ज़रूरत नहीं है, यह उनका एक सपना है। रक्षा मंत्री होने के नाते, उन्हें पूरे बजट को अपनी इच्छानुसार खर्च करने का अधिकार है। कार्लसन ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने कम से कम मतदाताओं को नाचने और मुस्कुराने में तो मजबूर कर दिया। यह बयान स्वीडन की रक्षा नीति और बजट आवंटन पर एक व्यंग्यपूर्ण टिप्पणी प्रतीत होती है। इस बयान से देश में रक्षा खर्च को लेकर बहस छिड़ सकती है। कार्लसन की टिप्पणी आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकती है।