कराची विश्वविद्यालय ने एक जांच के बीच परीक्षा नियंत्रक को उनके पद से हटा दिया है, जिसमें विफल छात्रों को पास करने के आरोप लगे हैं। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है कि कुछ छात्रों को अनुचित तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण करने में मदद की गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। हटाए गए अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू हो सकती हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि वह शैक्षणिक मानकों से किसी भी तरह के समझौते को बर्दाश्त नहीं करेगा।