कराची की येलो लाइन बस रैपिड ट्रांजिट (BRT) परियोजना में 8.5 अरब रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एक पूर्व निदेशक पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में पता चला है कि पूर्व निदेशक ने परियोजना के निविदा प्रक्रिया और अनुबंधों में हेराफेरी की। भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने पूर्व निदेशक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घोटाला कराची में सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। परियोजना की लागत में वृद्धि और देरी के पीछे भी यही अनियमितताएं बताई जा रही हैं। मामले की आगे जांच जारी है और अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है। सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
