कंपाला कैपिटल सिटी अथॉरिटी (केसीसीए) के प्रवर्तन अभियान से भागते समय नकीवुबो ड्रेनेज चैनल में डूबने से ओलिव बेसमेरा की मौत के लगभग एक दशक बाद, उच्च न्यायालय ने उसकी मौत के लिए जिम्मेदारी के एक कठिन प्रश्न का उत्तर दिया है। न्यायालय ने यह साबित नहीं किया कि केसीसीए अधिकारियों ने बेसमेरा का पीछा चैनल में किया था। हालांकि, न्यायमूर्ति बोनिफेस ने केसीसीए पर दायित्व तय किया। यह मामला उत्तरी बाईपास से संबंधित 11.3 बिलियन शिलिंग के मुआवजे के दावे के साथ भी जुड़ा हुआ है। न्यायालय का निर्णय पीड़ितों के अधिकारों और सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है। यह फैसला कंपाला में शहरी प्रबंधन और प्रवर्तन कार्यों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। आगे की जानकारी 'द ऑब्जर्वर मीडिया लिमिटेड' में उपलब्ध है।