वनेसा स्ट्रबजानोवा को 4 मई को दिवालियापन मामलों के प्रशासक के रूप में पंजीकृत किया गया था। न्याय मंत्रालय में, वह उसी विभाग का नेतृत्व करती हैं जो प्रशासकों की निगरानी करता है। हितों के टकराव की स्थिति से निपटने के लिए, उन्होंने प्रशासकों के नियंत्रण को अपने एक अधीनस्थ को सौंप दिया है। इस कदम से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह टकराव की स्थिति को पूरी तरह से समाप्त करता है। स्ट्रबजानोवा की दोहरी भूमिका पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चिंताएं पैदा करती है। मंत्रालय ने अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। यह मामला सार्वजनिक जांच और जवाबदेही की मांग को बढ़ा सकता है। इस घटनाक्रम से दिवालियापन प्रक्रिया की अखंडता पर भी असर पड़ सकता है।
