न्याय मंत्रालय ने प्रवर्तन प्रक्रिया संहिता में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इस संशोधन के तहत, कर्जदारों को उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा रखने की अनुमति दी जाएगी, जो वर्तमान नियमों से अधिक होगी। मंत्रालय का उद्देश्य है कि लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था में काम करने के लिए प्रोत्साहित हों। यह कदम कर्जदारों पर वित्तीय बोझ को कम करने और उन्हें आर्थिक रूप से सक्रिय रहने में मदद करने के लिए उठाया गया है। प्रस्तावित बदलावों से यह उम्मीद है कि अधिक लोग नियमित रूप से रोजगार प्राप्त करेंगे और करों का भुगतान करेंगे। सरकार का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। फिलहाल, इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह संशोधन, यदि लागू होता है, तो कर्जदारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।