पाकिस्तान की सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का कहना है कि न्यायालयों को अपनी शक्ति किसी क़ानून से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से मिलती है। उन्होंने राजनीतिक हस्तक्षेप और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की। वर्तमान राजनीतिक माहौल में न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर उन्होंने ज़ोर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका को जनता का विश्वास बनाए रखना चाहिए ताकि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से कार्य कर सके। उन्होंने संवैधानिक ढांचे के सम्मान और कानून के शासन को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग की आवश्यकता है, ऐसा उनका मानना है। यह टिप्पणी पाकिस्तान में वर्तमान राजनीतिक उथल-पुथल और न्यायपालिका पर बढ़ते दबाव के बीच आई है।