अमेरिकी न्यायाधीश ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डाक मतपत्रों पर प्रतिबंध लगाने की योजना को लागू करने वाले नियम को रोक दिया है। यह फैसला ट्रंप प्रशासन द्वारा लाए गए उन नियमों के खिलाफ है, जिनसे डाक मतपत्रों को सीमित करने का प्रयास किया गया था। न्यायाधीश ने माना कि ये नियम मतदाताओं के अधिकारों का हनन कर सकते हैं। इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने 2020 के चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे और डाक मतपत्रों को विशेष रूप से लक्षित किया था। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी और इस फैसले का भविष्य में अमेरिकी चुनावों पर असर पड़ सकता है। यह निर्णय डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान करने के इच्छुक नागरिकों के लिए राहत की खबर है।