एक संघीय न्यायाधीश ने गुरुवार रात ट्रंप प्रशासन को डाक मतपत्रों पर प्रतिबंध लगाने वाले नए नियम के प्रमुख प्रावधानों को लागू करने से रोक दिया। यह निर्णय ट्रंप प्रशासन के उन प्रयासों को चुनौती देने वाले मुकदमे के जवाब में आया है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों में डाक मतपत्रों की पहुंच को सीमित करना था। न्यायाधीश ने तर्क दिया कि प्रशासन ने बिना किसी उचित प्रक्रिया के नियम बदलने की कोशिश की। इस फैसले से उन लाखों मतदाताओं को राहत मिली है जो कोविड-19 महामारी के कारण डाक मतपत्रों के माध्यम से मतदान करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले तर्क दिया था कि डाक मतदान में धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है, हालांकि इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई व्यापक सबूत नहीं मिला है। यह मामला अभी भी अदालत में चल रहा है और भविष्य में इसके और परिणाम हो सकते हैं। यह आदेश आगामी नवंबर के चुनावों के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है।