बेलारूस में सत्ता हथियाने के प्रयास से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायाधीश और पत्रकारों के बीच तीखी बहस हुई। यह घटना अदालत कक्ष में हुई, जहाँ पत्रकारों ने न्यायाधीश से सवाल पूछे। न्यायाधीश ने कथित तौर पर पत्रकारों को चुप कराने का प्रयास किया, जिससे तनाव बढ़ गया। इस मामले में, जिसे “मामला 75” के नाम से जाना जाता है, कई विपक्षी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए गए हैं। यह घटना बेलारूसी न्यायपालिका और मीडिया की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती है। फिलहाल, मामले की सुनवाई जारी है और आगे की कार्यवाही पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यह टकराव बेलारूस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की स्थिति को दर्शाता है।
