एक संघीय न्यायाधीश ने आप्रवासन अदालतों में ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट) एजेंटों द्वारा गिरफ्तारियों पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश ने तर्क दिया है कि ICE की यह रणनीति मनमानी है और इससे अप्रवासी अपनी कानूनी सुनवाइयों से दूर रह सकते हैं। अदालत का यह फैसला, राष्ट्रपति के एक कार्यकारी आदेश को चुनौती देता है जिसके तहत ICE एजेंटों को अदालतों में गिरफ्तारी करने की अनुमति दी गई थी। न्यायाधीश ने इस आदेश को अवैध बताते हुए कहा कि इससे न्यायपालिका की प्रक्रिया में बाधा आती है। इस फैसले से आप्रवासियों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। ICE ने अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला आप्रवासन नीति और संघीय अदालतों की शक्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों को उठाता है।
