बेंतो को दिखाए गए लाल कार्ड के कारण 18 वर्षीय अल-ओतैबी को गोलकीपर के रूप में पदार्पण करना पड़ा। हालाँकि, युवा गोलकीपर अल-एत्तिफ़ाक के ख़िलाफ़ गोल रोकने में विफल रहे। इस निराशाजनक शुरुआत के बावजूद, जोआओ फेलिक्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल को पलट दिया और टीम को 2-3 से जीत दिलाई। फेलिक्स के उत्कृष्ट खेल ने टीम को हार से बचा लिया और एक यादगार जीत हासिल करने में मदद की। यह मुकाबला अल-ओतैबी के लिए कठिन रहा, लेकिन फेलिक्स की प्रतिभा ने टीम को संकट से बाहर निकाल लिया। इस जीत से टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले मैचों के लिए आत्मविश्वास मिलेगा। कुल मिलाकर, यह एक रोमांचक मुकाबला था जिसमें जोआओ फेलिक्स ने नायक की भूमिका निभाई।