छह पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने की मांग उठ रही है। इस मामले में राज्य मंत्री मीर साहे आलम ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कोई मामला दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया गया था। पत्रकारों की गिरफ्तारी की परिस्थितियों पर उन्होंने खेद जताया। माना जा रहा है कि यह मामला प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। सीपीजे (कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स) ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंत्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि मामले में पुनर्विचार किया जा सकता है।