फ़िलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन का कवरेज करते समय एक वीडियो पत्रकार को पुलिस ने ग़लत तरीके से गिरफ़्तार किया। इस घटना में पुलिस पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगा है। पत्रकार, प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहा था जब उसे हिरासत में लिया गया। पुलिस ने दावा किया कि गिरफ़्तारी उचित थी, लेकिन जांचकर्ताओं ने पाया कि यह ग़लत थी। इस ग़लत गिरफ़्तारी के कारण पत्रकार को मानसिक और शारीरिक कष्ट हुआ। मामले की जांच जारी है और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना पत्रकारों की स्वतंत्रता और प्रदर्शनों को कवर करने के अधिकार पर चिंता पैदा करती है।