राष्ट्रीय पत्रकारिता संघ (एसएनटीपी) ने राजनीतिक वार्ता की शुरुआत के दौरान एक पत्रकार को धमकाने की घटना की शिकायत दर्ज कराई है। संघ ने इस घटना की गंभीरता पर जोर दिया है, और कहा है कि इस तरह की डराने-धमकाने की हरकतें, लोकतांत्रिक गारंटी और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के दावों के विपरीत हैं। एसएनटीपी का कहना है कि यह घटना नई वार्ता प्रक्रिया के उद्देश्यों को कमजोर करती है। यह घटना पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। एसएनटीपी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों को सज़ा देने का आग्रह किया है। संघ का मानना है कि संवाद के माहौल में पत्रकारों को बिना किसी डर के काम करने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सभी की भागीदारी सुरक्षित और सम्मानजनक हो।

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