जॉर्डन में वर्षों के बाद फिर से सामूहिक फांसी दी गई है। हाल ही में, जॉर्डन की न्यायपालिका ने छह दोषियों को फांसी के तख्ते पर लटका दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब जॉर्डन में मौत की सजा का इस्तेमाल काफी कम हो गया था। मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि मौत की सजा अमानवीय है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। जॉर्डन सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ये सभी दोषी गंभीर अपराधों में शामिल थे। इस घटना से जॉर्डन में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं।