जोहोर के मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य विधान सभा (DUN) को भंग करने का शाही आदेश एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे किसी भी तरह के राजनैतिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राजघराने की ओर से राजनीति में दखल देने का प्रयास नहीं है। यह बयान हाल ही में जोहोर विधान सभा के विघटन के बाद आया है, जिससे राज्य में नए चुनाव होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कदम राज्य के संविधान के अनुसार उठाया गया है। इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार संवैधानिक ढांचे के भीतर काम कर रही है और सभी निर्णय इसी के अनुरूप लिए जा रहे हैं।
