जोहान्सबर्ग शहर द्वारा प्रस्तावित 65.6% जल कर वृद्धि को लेकर कानूनी विवाद छिड़ गया है। अफ्रीफोरम नामक संगठन ने गौतेंग उच्च न्यायालय में इस वृद्धि को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि यह वृद्धि निवासियों के लिए हानिकारक है और बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। अदालत से इस मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है। यदि अदालत अफ्रीफोरम के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो जल कर वृद्धि रद्द हो सकती है। इस मामले का फैसला जोहान्सबर्ग के निवासियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा, क्योंकि इससे उनके पानी के बिलों में भारी वृद्धि हो सकती है। अदालत का निर्णय आने तक जल कर वृद्धि को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
