जोहान्सबर्ग शहर ने लगभग 918 मिलियन रैंड (भारतीय मुद्रा में) के पुराने अनियमित और अनधिकृत खर्च को माफ करने की मंजूरी दी है। इस निर्णय से शहर के पार्षदों के बीच शासन और जवाबदेही को लेकर बहस छिड़ गई है। एक्शनएसए और डेमोक्रेटिक एलायंस (डीए) के नेताओं ने वित्तीय कुप्रबंधन पर चिंता व्यक्त की है। अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) ने इस फैसले को अतीत की समस्याओं को हल करने के लिए एक आवश्यक कदम बताते हुए बचाव किया है। यह कदम शहर की वित्तीय स्थिति और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय भविष्य में अनियमितताओं को प्रोत्साहित कर सकता है। शहर प्रशासन का कहना है कि यह कदम वित्तीय रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है।
