विशेष जांच इकाई (एसआईयू) द्वारा किए गए जीवनशैली ऑडिट में पूर्व गौतेंग स्वास्थ्य प्रमुख लेसिबा मलोताना को 'उच्च जोखिम' श्रेणी में रखा गया था और उनके खिलाफ फोरेंसिक जांच की सिफारिश की गई थी। इसके बावजूद, जोहान्सबर्ग शहर ने उन्हें अपने लोक सुरक्षा विभाग का प्रमुख नियुक्त किया है। यह नियुक्ति विवादों से घिरी हुई है क्योंकि एसआईयू की रिपोर्ट में मलोताना को संभावित सुरक्षा जोखिम के रूप में चिह्नित किया गया था। शहर प्रशासन पर एसआईयू की चेतावनी को अनदेखा करने और एक ऐसे व्यक्ति को महत्वपूर्ण पद सौंपने का आरोप लग रहा है जिसकी पृष्ठभूमि संदिग्ध है। इस फैसले से शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से पुनर्विचार की मांग की जा रही है। यह मामला पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दों को भी उजागर करता है।