नौकरी के लिए आवेदन करने के बाद लंबे इंतज़ार के बाद निराशा हाथ लगना स्वाभाविक है, खासकर जब कोई जवाब ही न मिले। कई बार, ऐसी स्थिति में लोग अपने गुस्से और निराशा को व्यक्त करने के लिए नियोक्ता को तीखा पत्र लिखते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जोखिम भरा हो सकता है। तत्काल प्रतिक्रिया देने की बजाय, शांत होकर स्थिति का आकलन करना और पेशेवर बने रहना अधिक फायदेमंद हो सकता है। इस तरह के पत्र से भविष्य में संभावित अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अस्वीकृति से निपटने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना और आगे बढ़ना बेहतर विकल्प है। पेशेवर नेटवर्क का उपयोग करके प्रतिक्रिया प्राप्त करने का प्रयास किया जा सकता है।