अमेरिकी-ईरानी समझौते पर कई यहूदी संगठनों ने आलोचना व्यक्त की है, जिनमें AIPAC, AJC और ZOA शामिल हैं। हालांकि, इस बार उनका विरोध 2015 में ओबामा प्रशासन के समझौते के विरोध जितना तीव्र नहीं है। रिपब्लिकन यहूदी समूह ने ट्रंप के इस समझौते की सराहना की है। ये संगठन समझौते के कुछ पहलुओं को लेकर चिंतित हैं, लेकिन खुलकर विरोध करने से फिलहाल बच रहे हैं। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद के कारण ये समूह अधिक संयमित रुख अपना रहे हैं। 2015 में, इन समूहों ने ओबामा के समझौते का खुलकर विरोध किया था और व्यापक अभियान चलाया था। वर्तमान स्थिति में, विरोध की तीव्रता कम होने से समझौते पर आगे की बातचीत और संभावित बदलावों की संभावना बनी हुई है।