कुछ हफ़्तों पहले, भाला फेंक खिलाड़ी मैरी-थेरेसे ओब्स्ट चलने में भी असमर्थ थीं। उन्होंने अपनी चोट और उससे उबरने के दौरान की निराशा के बारे में खुलकर बात की है। उनकी चोट इतनी गंभीर थी कि उन्होंने एक समय पर उम्मीद ही छोड़ दी थी। ओब्स्ट ने बताया कि यह उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार फिजियोथेरेपी और प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी शारीरिक क्षमता को फिर से हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। अब वे फिर से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं और अपनी कहानी से दूसरों को प्रेरित करना चाहती हैं। यह कहानी खेल में चोटों से जूझ रहे एथलीटों के लिए उम्मीद की किरण है।